
दुर्ग। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में अन्तर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विधि संकाय के डीन प्रो. के. सी. दलाई ने लोकतंत्र के व्यावहारिक पहलू को परिलक्षित किया। हिन्दी विभाग में सह-प्राध्यापक डाॅ. रूचि सक्सेना ने ‘लोकतंत्र पर वोट की चोट’ विषय पर एक कविता प्रस्तुत की।
विधि विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती श्वेता सिंह ने लोकतंत्र के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किये। राजनीति शास्त्र की सहायक प्राध्यापक डाॅ. संचिता चटर्जी ने लोकतंत्र की व्याख्या करते हुए लोकतंत्र दिवस का महत्व समझाया। शिक्षा विभाग की सह-प्राध्यापक डाॅ. मंजू साहू ने लोकतंत्र में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सह-प्राध्यापक डाॅ. गुरु सरन लाल ने ‘लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मीडिया की भूमिका’ विषय पर अपना वक्तव्य दिया। राजनीति विज्ञान विभाग की सह-प्राध्यापक डाॅ. वन्दना श्रीवास ने भी लोकतंत्र पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन और विषय प्रवर्तन विधि विभाग के सह-प्राध्यापक डाॅ. मुकेश कुमार राय ने किया।
यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय श्री सुशील चन्द्राकर, कुलपति डाॅ. एच.के. पाठक एवं कुलसचिव डाॅ. वीरेन्द्र कुमार स्वर्णकार के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रो. आलोक भट्ट, प्रो. एम.के. घोष, प्रो. मनोज कुमार मौर्य डाॅ. निधि वर्मा, डाॅ. समन सिद्धिकी, डाॅ. नम्रता गेन, डाॅ. स्नेह कुमार मेश्राम, श्री मिथलेश साहू, डाॅ. जे.पी. कन्नौजे सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।









































