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राजनांदगांव : प्रेमविवाह करने वाले दलित जोड़े का परिवार समेत हुक्का पानी बंद, नवदंपत्ति के परिजनों ने पत्रकारवार्ता के माध्यम से न्याय की लगाई गुहार…

दंपत्ति के माता-पिता ने गांव के दर्जनभर लोगों पर दबंगई करने का लगाया आरोप

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राजनांदगांव: छुरिया क्षेत्र के बखरूटोला गांव में एक प्रेम विवाह करने वाले दलित जोड़े का परिवार समेत हुक्का पानी बंद करने के मामले को लेकर दंपत्ति के माता- पिता ने गांव के दर्जनभर लोगों पर दबंगई करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को नवदंपत्ति के परिजनों ने प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता में अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर न्याय की गुहार लगाई है।

दरअसल बखरूटोला के रहने वाले सरोज दामले ने गांव की ही एक युवती राधिका साहू से प्रेम विवाह कर लिया। इसके बाद से दंपत्ति और उसके परिवार का कुछ ग्रामीणों ने जीना हराम कर दिया। अनुसूचित जाति वर्ग के महार समाज के इस जोड़े को कई तरह से परेशान किया जा रहा है। जिसमें आए दिन गांव में बैठक बुलाकर अपमानित करने के अलावा अन्य खानपान के सामान गांव नहीं दिए जाने का फरमान जारी किया गया है।

पीडित युवक की मां परागाबाई ने बताया कि गांव के 10 आरोपी देवसागर गुप्ता, चरण साहू, भीषण साहू, किशोर साहू, रूपेन्द्र साहू समेत अन्य लोगों ने काफी परेशान कर रखा है। पीडित युवक के साथ उक्त व्यक्तियों द्वारा दबंगई करते हुए जातिसूचक गाली-गलौज कर मारपीट की गई है। पीडित परिवार का कहना है कि गांव के 5 युवकों पिंटू साहू, शंकर साहू, धनंजय साहू, माखनलाल गोंड एवं गुलशन गोंड को भी दबंगईयों ने लडक़ी भगाने में सहयोग करने पर काफी मारपीट की है।

महिला ने बताया कि उसके पुत्र और बहू दादागिरी के कारण गांव से बाहर शहर में रहने मजबूर हैं। आरोपियों द्वारा पीडित परिवारों को लगातार धमकी दी जा रही है। पीडित युवक की मां ने यह भी कहा कि भाजपा से जुड़े होने के कारण दबंगई कर रहे युवक आतंक मचा रहे हैं। इस संबंध में पुलिस चौकी जोब में भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उल्टे पीडितों को ही फटकार लगाई।

इधर पीडित पक्षों के परिजनों ने विवाह संबंधी दस्तावेज भी मीडिया को दिखाए। जिसमें आर्य समाज से विवाह करने का प्रमाण भी पेश किया गया। कुल मिलाकर एक दलित परिवार के बेटे द्वारा प्रेम विवाह करने के मामले को लेकर गांव के लोगों ने प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। ऐसे में दलित जोड़ा गांव से बाहर रहने मजबूर है। वहीं माता-पिता कथित रूप से उपद्रव कर रहे युवकों के आतंक का शिकार हो रहे हैं।

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