
राजनांदगांव। शहर की स्वच्छता की पड़ताल कर उसे प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग देने के लिए दिल्ली से क्यूसीआई की टीम कभी भी दस्तक दे सकती है। इसकी तैयारी निगम प्रशासन ने जोर शोर से शुरू कर दी है। वार्डो में नाली, सड़कों की साफ- सफाई पर ताकत झोंक दी गई है।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन भी नियमित रूप से किया जा रहा है।इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। जिस स्थान पर सफाई की जाती है, अगले दिन वहां पर गंदगी पसरी नजर आती है। ऐसे में शहर की स्वच्छता रैंकिंग में अपेक्षित सुधार आना मुश्किल लगता है।
दिल्ली से क्वालिटी कंट्रोलर ऑफ इंडिया की टीम शहर में कभी भी पहुंच सकती है। इसके संकेत बीते दिनों भारत सरकार के अधिकारियों के दौरे से मिले थे, जिसने शहर का दौरा कर सर्वे टीम के संभावित दौरे की तैयारी का जायजा लिया। अधिकारियों ने शहर के एसएलआरएम सेंटर का दौरा किया और निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
निगम प्रशासन ने शहर में साफ सफाई तेज कर दी है। वार्डों में सड़कों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़कों पर कचरा एकत्र न हो, इसके लिए डोर टू डोर कचरा संग्रहण नियमित रूप से किया जा रहा है। यहां से संग्रहित कचरे को एसएलआरएम सेंटर ले जाया जा रहा है।
दिल्ली की स्वच्छता टीम विशेष रूप से बाजार, सुलभ शौचालय, शासकीय भवन, अस्पताल में सफाई व्यवस्था का जायजा लेगी। इसके अलावा टीम आम नागरिकों से भी फीडबैक लेगी। अपने दौरे में सफाई व्यवस्था की वीडियोग्राफी करेगी और उसे दिल्ली प्रेषित करेगी।
बहरहाल, पिछले दौर में शहर की स्वच्छता रैंकिंग को अपेक्षित रैंकिंग नहीं मिली थी। दोनों ही बार देश में उसका स्थान शीर्ष 50 में भी नहीं लगा था। प्रदेश में उसका स्थान अंबिकापुर जैसे छोटे शहर से काफी पिछड़ा था। इस बार शहर में लोगों में जागरूकता के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।











































