
*आर्थिक उदारीकरण के वास्तुकार थे डॉ.मनमोहन सिंहः कांग्रेस*
*राजनांदगांव।* महान अर्थशास्त्री व पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन का 92 वर्ष की उम्र में गुरूवार 26 दिसंबर को शाम को अंतिम सांस ली। पूर्व पीएम के निधन पर शहर जिला कांग्रेस व ग्रामीण कांग्रेस कमेटी द्वारा 28 दिसंबर को कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अमित चंद्रवंशी ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि पूर्व आरबीआई गर्वनर, महान अर्थशास्त्री पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह जी दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में 26 दिसंबर को निधन हो गया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के आव्हान पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा व जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर कांग्रेसजनों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व मंत्री धनेश पाटिला ने पूर्व पीएम को श्रद्धासुमन अर्पित कर कहा कि डा.मनमोहन सिंह को संपूर्ण भारतवर्ष की राजनीति में सरलता के प्रतीक माने जाने वाले नेता रहें वहीं मौन होकर कई बड़े-बड़े कार्य किए जिनको लेकर एक बार उनके विरोधी पार्टी के मुख्यमंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसा होना चाहिए, डा.सिंह राजनीति के अजातशत्रु थे। पूर्व पीएम डा.मनमोहन सिंह को कई पुरस्कारों और सम्मानों से भी सम्मानित किया गया है, जिनमें पद्म विभूषण, सर्वश्रेष्ठ सांसद, और जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार शामिल हैं।

पूर्व पीएम को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि पूर्व पीएम डा.मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक 10 वर्ष तक यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे। एक दौर 1991 से 1996 तक भारत के वित्त मंत्री रहते उन्होने आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति लागू की, जिसे विश्वभर में सराहा गया इस सुधार से भारत आर्थिक संकट से उभरकर आयी। उनके कुशल नेतृत्व, उदारीकरण एक मिसाल है, इसी तरह निजीकरण और वैश्वीकरण सुधारों के प्रमुख वास्तुकार के रूप में डा.सिंह को श्रेय जाता है।
आर्थिक उदारीकरण के जनक पूर्व पीएम डा.मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि डां.सिंह के कार्यकाल के दौरान, कई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार किए, जिनमें उदारीकरण और वैश्वीकरण शामिल हैं। शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, मनरेगा जैसी बहुत सी ऐसी बातें हैं जो किसी भी प्रधानमंत्री के लिए आसान नहीं था लेकिन मनमोहन सिंह जे ने सब कर दिखाया।
देश के 13वें पीएम जिनका काम बोलता है डा.मनमोहन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि देश की आर्थिक व्यवस्था के साथ-साथ मनरेगा, सूचना का अधिकार, आधार कार्ड, भोजन का अधिकार व सूचना तंत्र बनाया ऐसे प्रधानमंत्री का जाना बड़ी क्षति है हम कांग्रेसजन उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते है।
श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी श्रीकिशन खंडेलवाल, कमलजीत सिंह पिन्टू, पदम कोठारी, मेहुल मारू, पंकज बांधव, रूपेश दुबे, रमेश राठौर, शहर कांग्रेस उपाध्यक्ष शारदा तिवारी, विकास त्रिपाठी, सविता ठाकुर, बृजेश श्यामकर, उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष आसिफ अली, महिला कांग्रेस अध्यक्ष माया शर्मा, प्रज्ञा गुप्ता, मोहिनी सिन्हा, युकां अध्यक्ष गुरभेज माखिजा, एनएसयूआई अध्यक्ष अमर झा, अब्दुल कादिर कुरैशी, अभिमन्यु मिश्रा, सुरेन्द्र देवांगन, पार्षद संतोष पिल्ले, मधुकर वंजारी, सिद्धार्थ डोंगरे, दुलारी साहू, पूर्णिमा नागदेवे, मनीष साहू, अवधेश प्रजापति, प्रतिमा बंजारे, अमित जंघेल,
संजय साहू, मो मुस्तफा जोया, दीनू साहू, विष्णु सिन्हा, भोला यादव, मामराज अग्रवाल, चेतन सिन्हा, राजेश सेवता, सचिन टूरहाटे, सादिक खान, रीना पटेल, ललिता साहू, सौरभ वैष्णव, राहुल देवांगन, अनिमेष सिंह, यादवराव भीमटे, ईतवारी राम साहू, गोलू नायक, नासिर खां, मंथीर साहू, शौर्य वैष्णव, शिवम गढ़पायले, अजय छेदैया, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।









































