राजनांदगांव : महापौर एवं कलेक्टर ने मोहरा शिवनाथ नदी का किया निरीक्षण…

जल संसाधन एवं माईनिंग विभाग को सयुक्त रूप से कार्य कर शासन के दिशा निर्देश व प्रक्रिया अनुसार सील्ट हटाने के दिये निर्देश

नगर निगम के अधिकारियो को पेयजल हेतु आवश्यक व्यवस्था करने कहा

राजनांदगांव 6 मार्च। इस ग्रीष्म ऋतु मेें शिवनाथ नदी में कम जल संग्रहण के कारण शहर में पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही थी। जिसे ध्यान में रखकर नव निर्वाचित महापौर श्री मधुसूदन यादव तथा कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जल संसाधन, माईनिंग एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ मोहारा शिवनाथ नदी का निरीक्षण कर नदी में पानी के भण्डारण के लिये दिशा निर्देश दिये।


इस ग्रीष्म ऋतु मंे नदी में कम जल संग्रहण पर जल संसाधन विभाग व नगर निगम के कार्यपालन अभियंताओं ने जानकारी दी कि जल संसाधन संभाग राजनांदगांव के द्वारा राजनांदगांव शहर को पेय जल प्रदाय के प्रयोजन से शिवनाथ नदी में ग्राम मोहारा के पास नदी तल से 3.50 मी. ऊचा एवं 200 मी. लम्बा एनीकट का निर्माण वर्ष 2010 में पूर्ण किया गया है। जिसमें कुल 35 नग गेट है

जिनकी लम्बाई 1.50 मी. एवं चौड़ाई 1.50 मी. है एवं एनीकट की जल भण्डारन क्षमता 15,30,000 घ.मी. (पन्द्रह लाख तीस हजार घन मीटर) है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव शहर हेतु बायीं तट पर निर्मित 2 इन्टेकवेल के माध्यम से 40 मिलीनय लीटर प्रतिदिन एवं दायीं तट पर निर्मित 01 इन्टेकवेल के माध्यम से 2 एम.एल/प्रतिदिन शहर में, 23 एम.एल/प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्र में, इस प्रकार कुल 42 एम.एल/प्रतिदिन जल प्रदाय किया जाता है।


अधिकारियों ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में नदी में पानी की कमी होने पर पूर्व में शहर में पेयजल प्रदाय हेतु मोंगरा बैराज एवं मटियामोती जलाशय से वर्ष में केवल 02 बार पानी मांग अनुसार प्रदाय किया जाता था, किन्तु विगत 05 वर्षों से मोहारा एनीकट के अपस्ट्रीम भाग में 40 प्रतिशत हिस्से में सिल्ट जमा होने के कारण औसतन 05 से 06 बार पानी (जल) उपरोक्त जलाशय एवं बैराज से मांग करना पडता है।

एनीकट निमार्ण के पश्चात वर्ष 2011 से आज दिनांक तक नदी सिल्ट सफाई का कार्य नहीं होने के कारण वर्तमान समय पर एनीकट के ऊपरी भाग लगभग 1.00 कि.मी. तक नदी के दायीं तट भाग में औसतन 160 मी. चौड़ाई एवं नदी तट से लगभग 1.52 मी. ऊचाई पर सिल्ट (मिटटी, मिटटी मिक्स रेत एवं रेल) जमा हो गया है। जिसके कारण एनीकट के जल भण्डारन क्षमता में लगभग 40 प्रतिशत कमी हो गई है एवं सिल्ट जमा होने के कारण नदी के बायीं तट पर इन्टेकवेल के पास नदी का कटाव हो रहा है।


उन्होंने बताया कि सील्ट जमा होने एवं कटाव होने से रोकने मोहारा एनीकट के ऊपरी भाग के दांयी तट के सिल्ट की सफाई किये जाने से लगभग 2,23,774 घन मीटर सिल्ट निलकने की संभावना है। सिल्ट निकलने के पश्चात एनीकट के क्षमतानुसार पूर्ण रूप से जल भण्डारन हो सकेगा जिससे राजनांदगांव शहर एवं 23 ग्रामों को सुचारू रूप से पेय जल हेतु पानी प्रदाय किया जा सकेगा एवं बांयी तट में हो रहे कटाव को भी रोका जा सकेगा।


इन बातो पर कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जल संसाधन विभाग एंव माईनिंग विभाग के अधिकारियो से कहा कि नदी में कम जल संग्रहण को देखते हुये दोनों विभाग संयुक्त रूप से शासन के दिशा निर्देश के अनुसार कार्य योजना बनाकर सील्ट हटाने की कार्यवाही करे। उन्होंने निगम के अधिकारियों से भी फिल्टर प्लांट में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा।


महापौर श्री यादव ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के प्रारंभ से ही पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसे ध्यान मंे रखकर समस्या का निराकरण करना है। नदी में जल भण्डारण के लिये पर्याप्त संसाधन के साथ सील्ट निकालने की कार्यवाही करे। उन्होने निगम के अधिकारियों से कहा कि टंकी भरने के उपरांत ही पेयजल सप्लाई करे, इसके लिये सभी वालमेन को निर्देशित करे। मोटर पंप का संधारण कर अतिरिक्त पंप रखे, जिससे 24 घंटे काम चलता रहे। उन्होंने कहा कि अन्य समाग्री का भी पर्याप्त भण्डारण रखे।