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जशपुरनगर : कोरना के गंगा मैया स्व सहायता समूह की 14 महिलाएं मुर्गी पलान से बनी आत्मनिर्भर…

मुर्गी विक्रय से अब तक 1 लाख 36 हजार रूपए की आमदनी अर्जित की है

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पशुधन विभाग द्वारा समूह की महिलाओं को विभाग की योजनाओं से किया गया है लाभान्वित

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जशपुरनगर, 03 जुलाई 2023 – छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौठानों को स्वावलंबी बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है और स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। गौठानों में मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, बांस की टोकरी निर्माण, बटेर पालन, बाड़ी विकास, साग सब्जी का उत्पादन, राईस मिल संचालन सहित अन्य गतिविधियों में शामिल करके समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुश पालन विभाग के द्वारा भी स्व सहायता समूह के महिलाओं को सशक्त बानने के उद्देश्य से आर्थिक गतिविधियों में जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। पशुपालन विभाग द्वारा कृषकों, ग्रामीणों, विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों और समूह की महिलाओं को विभाग की योजना से लाभान्वित कर अतिरिक्त आदमनी अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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इसी कड़ी में दुलदुला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोरना में गंगा मैया स्व सहायता समूह की 14 महिलाएं मुर्गी पालन से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहें एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गए हैं। पशुपालन विभाग द्वारा समूह को 408 चूजे प्रदाय किए गए थे। जिसकी विक्रय से समूह की महिलाओं ने 35 हजार रूपए प्राप्त हुए। उसके पश्चात् महिलाओं ने की लागत से 180 नग देशी मुर्गी का पालन किया और तीन माह बाद उसके विक्रय से 48 हजार रूपए की आमदनी हुई। फिर पुनः समूह की महिलाएं  300 नग बायलर मुर्गी के चूजों का पालन कर  45 दिनों में उसके विक्रय से 53 हजार रूपए का आमदनी अर्जित की हैं इसी प्रकार कुल अब तक 1 लाख 36 हजार रूपए गंगा मैया स्व सहायता समूह की महिलाएं लाभ प्राप्त कर चुकी हैं और उत्साह के साथ घर के काम के साथ-साथ समूह से जुड़कर अन्य गतिविधियों में शामिल होकर अतिरिक्त आदमनी अर्जित परिवार का भी सहयोग कर रहें हैं।

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