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फर्जी दस्तावेजों से 12 लाख रुपये हड़पने की कोशिश, अधिवक्ता गिरफ्तार…

चांपा, 5 मार्च। प्राकृतिक आपदा से मिलने वाली सहायता राशि का फर्जी प्रकरण बनाकर करीब 12 लाख रुपए निकालने की कोशिश कर रहे नवागढ़ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष तुलसीराम धृतलहरे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उक्त अधिवक्ता को इसके पहले छेड़छाड़ के मामले में सजा हो चुकी है।

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अधिवक्ता संघ नवागढ़ के अध्यक्ष धृतलहरे ने तहसील न्यायालय में पहुंचकर तीन मृतकों के प्राकृतिक आपदाओं से हुई मौत और उनके परिजनों को स्वीकृत आपदा राशि के दस्तावेज प्रस्तुत किए। इनमें ग्राम गंगाजल के करमन सहिस की 21 जुलाई 2021 को तालाब में डूबने से हुई मौत, ग्राम कुटराबोड़ के खीखन राम श्रीवास की 26 जुलाई 2021 को सांप इसने से मौत और ग्राम सेमरा की सोनाली केंवट की 30 अप्रैल 2022 को बिच्छू के काटने से मौत के प्रकरण थे।

इनमें प्राकृतिक आपदा से मिलने वाली सहायता राशि करीब 12 लाख रुपए की स्वीकृति दर्शाई गई थी। तहसील कार्यालय के लिपिक उज्ज्वल तिवारी को इन दस्तावेजों को देखकर संदेह हुआ, क्योंकि वकील पीड़ित परिजनों को साथ लेकर नहीं आया था और कुछ मामले दो साल से भी ज्यादा पुराने थे पर स्वीकृति तीन-चार माह पुरानी थे। दस्तावेजों में राहत शाखा की प्रभारी संयुक्त कलेक्टर निशा नेताम मंडावी और शाखा के लिपिक उमेश साहू के हस्ताक्षर थे।

लिपिक उज्ज्वल तिवारी ने कलेक्टर कार्यालय के लिपिक उमेश साहू से संपर्क किया और इन मामलों की जानकारी ली। उमेश साहू ने बताया किस तरह का कोई प्रकरण स्वीकृत नहीं किया गया है, तीनों प्रकरण फर्जी हैं तथा उनमें लिपिक व अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर तथा सील हैं।

क्लर्क उमेश साहू ने कोतवाली थाने में इसकी एफआईआर दर्ज कराई। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद पाया गया कि प्रभारी संयुक्त कलेक्टर लिपिक का फर्जी हस्ताक्षर अधिवक्ता संघ अध्यक्ष तुलसीराम धृतलहरे ने किया । उसके खिलाफ धारा 420, 467, 468 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

कोतवाली के थाना प्रभारी लखेश केंवट ने बताया कि आरोपी अधिवक्ता को एक महिला से छेड़छाड़ के मामले में पहले सजा हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक उन्हें एक साल की सजा दी गई, जिसे अपील करने पर घटाकर 6 माह किया गया। इस अवधि में अधिवक्ता को जेल भी जाना पड़ा था।

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