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भिलाई में रिटायर्ड बीएसपी कर्मी से 37.51 लाख की ठगी…

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भिलाई । फेसबुक पर इन्वेस्टमेंट कंपनी में अधिक लाभांश कमाने के लालच में फंसकर भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग 37.51 लाख रुपए ठगी का शिकार हो गया। रिपोर्ट पर नेवई पुलिस के द्वारा इंदौर, बैंगलोर, पुणे एवं चेन्नई की आधा दर्जन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

– नेवई पुलिस ने बताया कि निरंजन प्रसाद दास पिता स्व. नीलाम्बर दास (68 वर्ष) निवासी प्रगति नगर रिसाली निवासी 24 फरवरी 2024 मोबाईल देख रहा था तो फेस बुक में एक विज्ञापन आया जिसमें पैसा जमा करने पर बैंक से ज्यादा लाभांश मिलने का ऑफर था। विज्ञापन देख निरंजन प्रसाद अपने रिटायर्ड के बाद मिले पैसों को इन्वेस्ट करना चाहता था।

निरंजन प्रसाद ने उस विज्ञापन में दिये अलग अलग कंपनियों एवं उनके मोबाइल नंबरो पर सीटी धन पुने महाराष्ट्र में दो लाख रूपये, शासतीक ग्लोबल एलएलपी चेन्नई में दो लाख रूपये, विश्वास वर्ल्ड टेकबैंगलोर मे तीन लाख रूपये, मारवलस मुनिस इंदौर सात लाख 51 हजार रूपये, वेदिका पाटर्नस इंदौर में दस लाख रूपये, नेक्सट इन टेक्नोलाजी इंदौर में 13 लाख रूपये अलग-अलग एकाउण्ट नंबरों एवं यूपीआई के माध्यम से अपनी पत्नी उत्तमा दास के आईडीएफसी बैंक, एसबीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड के खातों से एवं स्वयं के पंजाब नेशनल बैंक के क्रेडिट कार्ड एवं सेविंग खाता, ए. यू स्मॉल फायनेंस बैंक, आईडीएफसी केडिट कार्ड से अलग-अलग कर करीबन 37,51,000 रूपये इन्वेस्टममेंट के नाम पर जमा कर दिया ।

कुछ महिनों तक सभी कम्पनी द्वारा इन्वेटमेंट का चार प्रतिशत दे रहे थे। फिर पिछले चार से पांच माह से कोई भी राशि नहीं देने लगे। संबंधित कम्पनियों से संपर्क करने पर टाल मटोल कर फोन बंद कर दिए।तब निरंजन दास को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हो गयी है। पीड़ित की शिकायत पर नेवई पुलिस द्वारा 318 (4) बी एन एस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

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