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मोहला : अमृत सरोवर आलकन्हार में संविधान दिवस पर दिया गया जागरूकता का संदेश…

– लोकतंत्र, मतदाता जागरूकता (जाबो), नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

                        मोहला 27 नवंबर 2024। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन और परियोजना निदेशक श्री हेमंत ठाकुर के मार्गदर्शन में जिले के महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत निर्मित अमृत सरोवर स्थल पर गत दिवस 26 नवंबर को संविधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विविध कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। गत दिवस ग्राम पंचायत आलकन्हार के अमृत सरोवर में 26 नवंबर को संविधान दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया।

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इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संविधान और लोकतंत्र के महत्व को रेखांकित करना, नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मतदाता जागरूकता फैलाना, नशामुक्ति का संदेश देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संकल्पित होना था। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ.भीमराव अंबेडकर, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन किया गया, जिसमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल आदर्शों को दोहराया गया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जाबो जन-जागरूकता अभियान के तहत मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।

नागरिकों को मतदान के महत्व को समझाते हुए निष्पक्ष और जिम्मेदार मतदान का संकल्प दिलाया गया। ग्रामीणों, शिक्षकों और अधिकारियों ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और मतदान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु शपथ दिलाई गई। युवाओं को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही अनुच्छेद 51 ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों और पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम अधिकारी श्री आलोक कुमार पांडेय ने अमृत सरोवर परियोजना के तहत जल संरक्षण और स्वच्छता की जरूरत पर जोर दिया।

उपस्थित नागरिकों ने जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस आयोजन में सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, जनपद पंचायत के सहायक विकास विस्तार अधिकारी श्री मदन उइके, तकनीकी सहायक श्रीमती इंद्राणी साहू, श्री राहुल चतुर्वेदानी और अन्य अधिकारी-कर्मचारी, महिला समूह सदस्य, शिक्षक, स्कूली बच्चे और विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल हुए। सामूहिक भागीदारी ने इस आयोजन को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायक बना दिया। यह आयोजन न केवल संविधान की उद्देशिका को स्मरण करने का अवसर था, बल्कि लोकतंत्र, नशा मुक्ति, मतदाता जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का भी माध्यम बना।

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