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मोहला: जिले में महिलाओं को आजीविका से जोड़ने विशेष पहल, स्व-सहायता समूहों को मिल रहा प्रोत्साहन…

मोहला। जिले के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित कर महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।

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विशेष रूप से समूहों को वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण, संधारण एवं विपणन से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 13 फरवरी को सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर द्वारा विकासखंड मानपुर के खड़गांव संकुल अंतर्गत भ्रमण किया गया। ग्राम पंचायत दोरबा में आईडब्लूएमपी योजना के तहत आयोजित बैठक में 08 ग्राम संगठनों के अध्यक्ष, सचिव एवं स्व-सहायता समूह की लगभग 77 महिलाओं से संवाद स्थापित किया गया।

इस दौरान महिलाओं को वनोपज आधारित आजीविका गतिविधियां जैसे संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं बाजार में विपणन के लिए प्रेरित किया गया। भ्रमण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) अंतर्गत ग्राम बोरिया में संचालित ठेकेदारी आजीविका डबरी का निरीक्षण कर कार्य की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। सीईओ जिला पंचायत ने महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया। इस पहल से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि जिले के समावेशी एवं सतत विकास को भी नई गति मिल रही है।

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