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राजनांदगांव : गूंगी बहरी के दुष्कर्मी को दस साल सश्रम कारावास…

राजनांदगांव, 29 अप्रैल । विशेष न्यायाधीश ( एक्ट्रोसिटी एक्ट) श्री थामस एक्का ने गूंगी बहरी महिला के दुष्कर्मी दिनेश रघुवंशी के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाकर उसे भादं संहिता की धारा 450 एवं धारा 376 के अपराध में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000-5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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मामले में छत्तीसगढ राज्य की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (एक्ट्रोसिटी), राजनांदगांव श्री विकास शुक्ला ने बताया कि, अभियुक्त दिनेश रघुवंशी आ. लिखन लघुवंशी, (35 साल) जिला एमएमसी (छग) द्वारा थांना मानपुर क्षेत्रान्तर्गत निवासी पीड़िता, जो जन्म से गूंगी और बहरी है व कक्षा 10वीं तक पढ़ी है से दुष्कर्म किया पीड़िता का पति कमाने खाने के लिए रायपुर गया हुआ था।

पीड़िता अपने पुत्र और पुत्री के साथ घर में रहती थी। गत सात जनवरी को पीड़िता खाना खाकर अपनी पुत्री के साथ घर के अंदर परछी में सो रही थी और पुत्र बीच वाले हॉल में सो रहा था। रात्रि के करीब 11 बजे अभियुक्त दिनेश रघुवंशी उसके घर के पीछे से घुसकर उसके पैर को हाथ से छूकर जगाया और छिप गया, तब पीड़िता उठकर देखने के लिये बाहर निकली तब अभियुक्त दिनेश रघुवंशी उसके हाथ,

पैर, मुंह को कपड़े से बांधकर जबरदस्ती जमीन में पटक कर उसके साथ दुराचार किया। दूसरे दिन सुबह पीड़िता ने अपने सास-ससुर को घटना के बारे में इशारे से बतायी गांव में मीटिंग हुई। पीड़िता ने 02 जुलाई 2022 को अपने परिवार के साथ जाकर मानपुर थाना में लिखित रिपोर्ट लिखित शिकायत के आधार पर थाना मानपुर द्वारा आरोपी पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया तथा सम्पूर्ण विवेचना उपरान्त आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376(2) (ठ), 450, 509 भादवि एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु पेश किया गया था।

न्यायालय में अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पहले मानपुर दर्ज करायी उक्त ई थी घटना सीबी सर्विस दिनेश रघुवंशी के विरुद्ध अपराध उपलब्ध है जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (2) (1a) के अंतर्गत अभियोग पत्र विशेष प्रमाणित पाया गया और उक्त सजा सुनाई गई ।

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