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राजनांदगांव : जिला पंचायत सीईओ ने ली बैठक…

  • प्रत्येक उद्यम के लिए पृथक-पृथक बिजनेस प्लॉन के आधार पर कार्ययोजना बनाने के दिये निर्देश
  • ग्राम पंचायत के महिला स्वसहायता समूह, युवा उद्यमी, स्वरोजगारकर्ता एवं स्थानीय लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

राजनांदगांव – राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना अंतर्गत शासन द्वारा ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार से जोड़े जाने हेतु महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा) की स्थापना की जा रही है। जिसमे ग्राम पंचायत के महिला स्वसहायता समूह, युवा उद्यमी, स्वरोजगारकर्ता एवं स्थानीय लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिये जाने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान किये जाने की योजना है।

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जिसके लिए प्रत्येक विकासखण्ड के 2 गौठानों में 3-3 एकड़ के क्षेत्रफल का चयन करते हुए महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।


जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह ठाकुर की उपस्थिति में जिला पंचायत राजनांदगांव के सभाकक्ष में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क के डीपीआर निर्माण के संबंध में बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में विकासखण्ड स्तर पर तैयार डीआरपी एवं मैप की जानकारी सभी विकासखण्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रेजेन्टेशन के माध्यम से दी गई।

जिला पंचायत सीईओ श्री ठाकुर ने प्रेजेन्टेशन का अवलोकन करते हुए निर्देश दिये कि प्रत्येक उद्यम के लिए पृथक-पृथक बिजनेस प्लॉन के आधार पर कार्ययोजना बनाई जाए। गौठानों में स्थानीय आवश्यकता एवं बाजार की संभावनाओं के आधार पर उद्यम स्थापित करने के लिए स्वसहायता समूहों, स्थानीय युवाओं को चिन्हांकित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदण्डों का ध्यान रखते हुए ग्रामीण आजीविका पार्क (रीपा) बनाया जाए।

गौठान में मौजूद बुनियादी अधोसरंचना की जानकारी के अलावा, आसपास के बाजारों की दूरी, महिला स्वसहायता समूहों और गौठानों से जुड़े सदस्यों की संख्या, गौठान में संचालित गतिविधियों की जानकारी आदि जरूर शामिल करें। साथ ही डीपीआर में अधोसंरचना निर्माण अंतर्गत वर्क शेड के साथ-साथ पानी, बिजली, ट्रांसफार्मर, मुख्य मार्ग से रीपा गौठान तक बारहमासी सड़क की आवश्यकताओं को भी शामिल किया जाए। निर्मित उत्पादों के सुलभ बाजार व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापारियों को भी चिन्हांकित किया जाएं।


अतिरिक्त मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत तथा सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा द्वारा भी रीपा कार्ययोजना निर्माण हेतु आवश्यक मार्गदर्शन दिये गए। प्रभारी एनआरएलएम श्री अशफाक अहमद ने भी तैयार डीपीआर में आवश्यक संशोधन संबंधी मार्गदर्शन दिया। बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला स्तर से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक संचालक उद्यानिकी,

उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सहायक संचालक कृषि, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री फैज मेमन, प्रभारी अधिकारी एनआरएलएम श्री अशफाक अहमद, एनआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री उमेश कुमार तिवारी एवं श्री वैभव जैन तथा विकासखण्ड स्तर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, एसडीओ, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, एनआरएलएम से विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक तथा यंग प्रोफेशनल शामिल हुए।

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