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राजनांदगांव : टमाटर के दाम में तेजी से गिरावट, तोड़ाई और परिवहन का भाड़ा निकालना मुश्किल…

राजनांदगांव – बदली, बारिश और कोहरे के चलते बाड़ी व खेतों में लगी सब्जियों की फसल पर खासा असर पड़ा है। टमाटर की फसल लेने वाले किसानों के माथे पर शिकन बढ़ गई है। बदले मौसम के चलते टमाटर के दाम में तेजी के साथ गिरावट आई है। लिहाजा किसानों को खेत से तोड़ने व ट्रांसपोर्टिंग का भाड़ा तक निकलना मुश्किल हो रहा है। कई किसान टमाटर को फेंकने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

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जनवरी माह लगते ही मौसम ने तेजी के साथ करवट ली है। विगत दो दिनों से कोहरे का आलम बना हुआ है। इस बीच दिनभर बूंदाबांदी भी होती रही। मौसम के इस बिगड़े मिजाज के चलते इन दिनों खेत- बाडियों में किसानों

10 रुपए में तीन लो

बाजार में इन दिनों टमाटर 10 रुपए में ढाई-तीन किलो तक बिक रही है। जिसके चलते टमाटर का फसल ले रहे किसानों को बेहतर कीमत नहीं मिल पा रही है। बताया गया कि टमाटर के गिरे दाम के चलते किसानों को टमाटर की तुड़ाई और बाजार तक लाने-ले जाने के लिए होने वाले माड़ा का खर्च भी निकालना मुश्किल हो रहा है। जिसके चलते कई किसान अब टमाटर को खेत-बाड़ी से बाहर फेंकने भी लगे है। वहीं कई मवेशियों को भी खिला रहे हैं।

द्वारा लिया जा रहा फसल प्रभावित हो रहा है खासकर बाड़ी व खेतों में लगाएगा टमाटर की फसल पर अच्छी खासा असर है।
बेहतर उत्पादन के चलते किसानों को बेहतर व्यवसाय का उम्मीद था लेकिन बाजार में आवक बढ़ने और मौसम के चलते टमाटर के दाम तेजी से गिरे हैं।

मजदूरी भी नहीं निकल पा रही
1 कैरेट में लगभग 25 किलो टमाटर आते हैं खेतीबाड़ी से 1 कैरेट टमाटर तोड़ने के लिए मजदूरी लगभग 10 से ₹15 पड़ जाता है इसके बाद बाजार तक ले जाने के लिए ट्रांसपोर्टिंग खर्च अलग, जिसके चलते किसान मवेशियों को टमाटर खिला रहे हैं या फिर टमाटर के पेड़ को उखाड़ कर फेंक रहे हैं। इधर बाजार में अन्य मौसमी हरी सब्जियों के दाम वे सामान्य दिनों की अपेक्षा कम हुए हैं अधिकांश सब्जियों के दाम ₹20 के भीतर ही प्रति किलो बिक रहा है मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है सब्जी भांजियों के अलावा चना ,लाखडी ,अरहर सहित अन्य फसलों को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

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