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राजनांदगांव तीज उत्सव में भावुक हुआ एक पल: पारंपरिक परिधान में बालिका के स्नेह से डॉ. वर्णिका शर्मा हुईं अभिभूत…

राजनांदगांव, 3 अगस्त — संस्कारधानी राजनांदगांव में आयोजित सावन तीज महोत्सव के दौरान एक भावनात्मक क्षण तब देखने को मिला जब छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एक आदिवासी वेशभूषा में सजी नन्ही बालिका के स्नेह से भावुक हो उठीं।

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कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक छत्तीसगढ़ी परिधान में सजी इस बालिका ने डॉ. शर्मा से मुलाकात की और सहज प्रेम व अपनत्व से उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद रूपी स्नेह दिया। इस अनोखे क्षण में डॉ. शर्मा की आंखें नम हो गईं और उन्होंने बालिका को अपनी गोद में लेकर पुष्प गुच्छ के साथ गले लगाया।

इस दृश्य ने वहां उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और कार्यक्रम का यह पल ममता, संस्कृति और संवेदनशीलता का जीवंत प्रतीक बन गया।

डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस अवसर पर कहा –
“बच्चों का निश्छल स्नेह ही सबसे बड़ी प्रेरणा है। यह बच्ची सिर्फ एक प्रतिनिधि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, अपनापन और मासूमियत की पहचान है।”

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे पारंपरिक परिधान में शामिल हुए, जहाँ सावन तीज के उत्सव को लोकनृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीवंत किया गया।

यह दृश्य न केवल तीज महोत्सव की शोभा बढ़ाने वाला था, बल्कि यह यह संदेश भी देता है कि संस्कृति और स्नेह जब एक साथ मिलते हैं तो समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी बनते हैं।

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