
राजनांदगांव 16 अक्टूबर। दुर्गा पर्व में पण्डालों मे विराजित माॅ दुर्गा,माॅ काली एवं माॅ सरस्वती प्रतिमा स्थल में पूजा आरती व विभिन्न आयोजनो के दौरान स्वच्छता कायम रखने तथा आयोजनो व विसर्जन के दौरान पाली पापर का उपयोग नही करने निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने समितियो से अपील की है। उन्हांेने प्रतिमा विसर्जन मोहारा स्थित विसर्जन कुण्ड में ही विसर्जित करने की भी अपील किए है।
आयुक्त श्री मरकान ने अपील के माध्यम से दुर्गा समितियो से कहा है कि विकसित भारत की परिकल्पना में स्वच्छता का विशेष महत्व है। वर्तमान में शासन के निर्देशानुसार स्वच्छता अभियान गत माह से चलाया जा रहा है। इसके परिपालन में पूरे शहर में स्वच्छता का वातावरण निर्मित कराना है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट एवं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के द्वारा पर्यावरण संरक्षण एंव स्वच्छता के लिए दिशा निर्देश दिए गये है, जिसका क्रियान्वयन हम सबको करना है। प्रायः यह देखा गया है कि पूजा या आयोजनो के दौरान समितियो द्वारा पाली पापर उडाया जाता है,
जिससे गंदगी फैलती है। चुकि पाॅली पापर का पालिथीन की सफाई नही होती जमीन में चिपक जाती है, वह ऐसा प्लांस्टिक है,जो 50 साल तक नही सडता जिससे स्वच्छता में दुष्प्रभाव पड़ता है। जिसे ध्यान में रखकर इसका उपयोग नही करने सभी समितियो से अपील की जा रही है। उन्होंने कहा कि समिति उत्सव मनाने के दौरान पाॅली पापर के स्थान पर गुलाब या गेंदा फूल की पंखुडी का उपयोग कर सकते है। उन्होने संस्कारधानी के वरिष्ठ नागरिको से भी अपील किये है कि समिति से जुडे युवाओ को स्वच्छता कायम रखने पाॅली पापर का उपयोग नही करने समझाईस देेवे, उन्हें समझाए कि धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा प्रसादी वितरण करे तथा प्रतिमा विसर्जित करें।
आयुक्त ने समितियो से अपील करते हुए कहा है कि शहर मंे स्वच्छता बनाए रखने मेें आप सबका सहयोग आवश्यक है। प्रसादी, भण्डारा के दौरान डस्टबिन का उपयोग करे, प्रसादी उपरांत आस पास के क्षेत्र की सफाई करावे, क्योकि निगम के सफाई कर्मी सुबह सफाई करते है, दोपहर या शाम को प्रसादी के दौरान डिस्पोजल बिखरने पर शहर में गंदगी का वातावरण निर्मित होता है। अतः स्वच्छता के लिए प्रसादी के दौरान डस्टबिन रखे एवं प्रसादी उपरांत सफाई करावे, जिससे पण्डाल के आस पास स्वच्छ वातावरण निर्मित रहे।
आयुक्त श्री मरकाम ने समितियो से माॅ दुर्गा, माॅ काली व माॅ सरस्वती की प्रतिमा मोहारा स्थित विसर्जन कुण्ड में ही विसर्जित करने की अपील की है। चुकि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एन.जी.टी.) द्वारा नदी व तालाब में मुर्ति विसर्जित करना प्रतिबंधित किया गया है। जिसके परिपालन में नगर निगम द्वारा मोहारा नदी के पास विसर्जन कुण्ड का निर्माण किया गया है। अतः प्रतिमा विसर्जन कुण्ड मे ही विसर्जित करे।











































