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राजनांदगांव : दुष्कर्म में युवक को पास्को एक्ट में आजीवन कारावास की सजा, 2 साल पहले मोतीपुर में हुई थी घटना…

राजनांदगांव जिले के एक अदालत ने आज पास्को एक्ट के एक मामले में विशेष सजा सुनाई है ।पहली बार इस मामले में आजीवन कारावास जिसका अभिप्राय शेष प्राकृतिक जीवन के लिए कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा के अनुसार अब अभियुक्त जतीन मिश्रा उर्फ जिम्मी 26 साल निवासी मोतीपुर अंबेडकर चौक वार्ड नंबर 3 राजनांदगांव को बाकी जीवनकाल जेल में ही बिताना होगा।

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घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि जतिन मेंश्राम विवाहित है। और उसके घर के पास ही रहने वाले 8 साल की एक बालिका उसके घर में खेलने आती थी। घटना के दिन 6 सितंबर 2019 को शाम 4:30 बजे जब जतिन के घर में कोई नहीं था। और पीड़ित बालिका उसे घर खेलने आई हुई थी। तो छत में ले जाकर उससे दुराचार की कोशिश की थी। रिपोर्ट पर पुलिस ने उसके विरुद्ध भादवि की धारा 376 एवं 376 ए.बी तथा पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया और अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक स्पेशल कोड राजनांदगांव में पेश किया।

विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट श्री शैलेश शर्मा ने उभय पक्षों को सुनने के बाद जतिन में मेश्राम उर्फ जिम्मी को दोषी पाया। उन्होंने जतिन मेश्राम उर्फ जिम्मी को पास्को एक्ट की धारा 6 के तहत आजीवन कारावास जिसकी अभिप्राय अभियुक्त के शेष प्राकृत जीवन काल के लिए कारवा से होगा से दंडित किया है। इसके अलावा उन्होंने अभियुक्त जतिन मेंश्राम को शाम की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ₹20000 के अर्थदंड से दंडित किया ।अर्थदंड ना दिए जाने की स्थिति में अभियुक्त को 1 वर्ष के सश्रम कारावास भुगताये जाने का आदेश भी उसके द्वारा पारित किया गया । यदि उसके द्वारा अर्थदंड दे दिया जाता है तो उस राशि में से ₹15000 पीड़िता के चिकित्सा एवं पुनर्वास की पूर्ति करने के लिए आपूर्ति के रूप में देने का भी आदेश न्यायाधीश से शर्मा द्वारा दिया गया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने पैरवी की ।

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