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राजनांदगांव : पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने की व्रत सावित्री की पुजा…

राजनांदगांव महिलाओं ने आज वट सावित्री का निर्जला उपवास रखकर वट सावित्री की पुजा किया और पति की लंबी आयु की कामना की ।

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ज्येष्ठ अमावस्या के साथ साथ वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है। हिन्दू धर्म में वट सावित्री व्रत को करवा चौथ के समान ही माना जाता है। स्कन्द, भविष्य पुराण व निर्णायामृतादि के अनुसार यह व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को करने का विधान है।

भारत में व्रत सावित्री व्रत अमावस्या को रखा जाता है। इस व्रत को सम्पन्न कर सावित्री ने यमराज को हराकर अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे।

व्रत सावित्री व्रत के दिन दैनिक कार्य कर घर को गंगाजल से पवित्र करना चाहिए, इसके बाद बांस की टोकरी में सप्त धान्य भरकर ब्रहमा जी की प्रतिमा स्थापना करने चाहिए । ब्रम्हा जी के बाईं और सावित्री कथा दूसरी ओर सत्यवान की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए कहां जाता है कि वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा ,तने में भगवान विष्णु , डालियों व पत्तियों में भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है।

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