back to top

राजनांदगांव : विश्व डिस्लेक्सिया दिवस पर सी.आर.सी. राजनांदगांव में विविध कार्यक्रमों का आयोजन…

राजनांदगांव। समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.), राजनांदगांव, जो राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एन.आई.ई.पी.आई.डी.), सिकंदराबाद के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है, द्वारा विश्व डिस्लेक्सिया दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन लायंस क्लब राजनांदगांव एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय, मानकी, राजनांदगांव के सहयोग से सी.आर.सी. परिसर ठाकुरटोला, सोमनी में किया गया।

Advertisements

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें सी.आर.सी. निदेशक, सहायक प्राध्यापक एवं कार्यक्रम समन्वयक श्री किशन लाल बैरवा, लायंस क्लब अध्यक्ष श्री अमित खंडेलवाल, पद्मश्री डॉ. पुख़राज बाफना, एवं लायन राजकुमार सहित गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में डिस्लेक्सिया तथा अन्य सीखने की कठिनाइयों के प्रति जागरूकता, प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि समावेशी शिक्षा ही समाज में समान अवसर और संवेदनशीलता को बढ़ावा दे सकती है।

कार्यक्रम में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया —

  1. वेबिनार – “Understanding Learning Disabilities: Causes, Types, Early Signs and Intervention” विषय पर श्री प्रशांत मेस्राम द्वारा वेबिनार आयोजित किया गया, जिसमें 72 शिक्षकों एवं पेशेवरों ने ऑनलाइन भाग लिया।
  2. चित्रकला प्रतियोगिता – “ट्रैफिक के नियम” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में विद्यालय एवं सी.आर.सी. के 25 छात्रों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
  1. पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता – डी.एड. स्पेशल एजुकेशन छात्रों द्वारा डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चों के समावेशन विषय पर पोस्टर तैयार किए गए।
  2. जागरूकता नाटक – डी.आई.एस.एल.आई. छात्रों ने सीखने में कठिनाई झेल रहे बच्चों की चुनौतियों पर एक प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को संवेदनशील किया। समापन सत्र में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए तथा सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।कार्यक्रम में लगभग 170 प्रतिभागियों — स्टाफ, छात्र, शिक्षक एवं समुदाय के सदस्य — शामिल हुए।
Advertisements

You cannot copy content of this page