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राजनांदगांव : शुक्रिया ऐ दरख्त तेरा, तेरी घनी छाँव मेरे रस्ते की दिलकशी है…

सघन पौधरोपण से बदल रही शहर की फिजां

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नगर पालिक निगम द्वारा सघन पौधरोपण की कोशिश रंग लाई, हरी भरी धरती की संकल्पना हो रही साकार

जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शहर भर में लगाए गए लगभग 34 हजार पौधे

खुशनुमा गुलमोहर, कचनार, मधुकामिनी, मौलश्री, पीपल, आंवला के पौधों की बिखरी मोहक छटा

राजनांदगांव शहर की फिजां बदल रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शहरी परिदृश्य में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नगर पालिक निगम द्वारा किये जा सघन पौधरोपण की कोशिश रंग ला रही है। जगह-जगह सड़क के किनारे एवं फ्लाईओवर के नीचे, डिवाइडर के बीच, खुशनुमा गुलमोहर, कचनार, मधुकामिनी, मौलश्री, पीपल, आँवला, चंपा, जामुन, बादाम, सीसम, नीम, करंज, पीपल, बरगद, बेल, ट्रीबेलिया, पाम, गोल्डन बांस, कपास, लेग्रोमेरिसा, अलाटा, फोरटाईल, महामुनी, कदम, इस्कोथोडिया, पेल्ट्रापाम, कबासा टिकोमा, अर्जुन, कपास, लेग्नोमेसिया, फोरटाईल, एलोमुंडा, ट्रेव्लस पाम्प जैसे पौधों की मोहक छटा बिखरी हुई है। हरी-भरी धरती की संकल्पना साकार हो रही है।

शहर की हरियाली ऐसी की दिल जुड़ा जाता है। उस वक्त प्रख्यात शायर निदा फाजली की यह पंक्तिया बरबस ही याद आती है – शुक्रिया ऐ दरख्त तेरा, तेरी घनी छाँव मेरे रस्ते की दिलकशी है… हाल ही में राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित ‘इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फारेस्टÓ कर्नाटक की श्रीमती तुलसी गौड़ा ने तो पर्यावरण के प्रति अपने प्रेम के कारण अपनी अदम्य इच्छाशक्ति से सघन पौधरोपण किया। उनकी यह कहानी जैवविविधता संरक्षण एवं पौधरोपण की मिसाल है। नगर पालिक निगम द्वारा जगह-जगह किये जा रहे व्यापक पौधरोपण से प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति तादात्म्य स्थापित हुआ है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए पौधरोपण के महत्व को समझकर प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ा है। स्थानीय नागरिकों में पौधरोपण के प्रति जागरूकता और उत्साह दिखाई देता है।

शहरीकरण के इस दौर में हरीतिमा बढ़ाने की शिद्दत से की गई यह कोशिश सराहनीय है। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने नगरवासियों से वर्षा ऋतु के समय वृक्षारोपण का आव्हान किया था। उन्होंने विशेषकर मुनगा एवं फलदार व छायादार पौधे लगाने का आग्रह किया है। नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि पौधों को पानी देने की समुचित व्यवस्था की गई है और देखभाल की जा रही है। जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शहर भर में लगभग 34 हजार पौधे लगाए गए हैं। गौरतलब है कि विगत 3 वर्षों में पौधरोपण की दिशा में विशेष कार्य किए गए हैं। रानी सागर तथा बूढ़ा सागर के पास नेहरू उद्यान, त्रिवेणी परिसर, बर्ड पार्क तथा बर्थडे पार्क में भी पौधे लगाए गए है। रानी सागर के समीप बर्ड पार्क में इन वृक्षों से पक्षियों को आशियाना मिला है। इन उद्यानों में सुबह-शाम पक्षियों के कलरव से चहल पहल रहती है। जागरूकता के इस अभियान में मीडिया का योगदान रहा। पीपल, बरगद जैसे छायादार पौधे लगाने की निरंतर अपील की गई। सबकी सहभागिता से राजनांदगांव शहर हरियाली की ओर अग्रसर है।

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