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राजनांदगांव: साईबर क्राईम, डिजिटल अरेस्ट एवं साईबर सुरक्षा, ठगी गई राशि की वसूली के संबंध में प्रशिक्षण…

राजनांदगांव 08 अक्टूबर 2026। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में साईबर काईम पीडि़त सहायता एवं ठगी गई रकम की वापसी योजना-2026 के परिपेक्ष्य में साईबर सेल, राजनांदगांव के समन्वय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत पैरालीगल वालिन्टियर्स हेतु साईबर काईम, डिजिटल अरेस्ट एवं साईबर सुरक्षा, ठगी गई राशि की वसूली विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण में रिसोर्स पर्सन के रूप में साईबर सेल राजनांदगांव के सहायक उपनिरीक्षक श्री द्वारिका प्रसाद लाउत्रे उपस्थित रहे। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलिन्टियर्स के अतिरिक्त, लीगल एड डिफेंस कौंसिल सिस्टम राजनांदगांव के कर्मचारी व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के प्रारंभ में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव द्वारा रिसोर्स पर्सन श्री द्वारिका प्रसाद लाउत्रे को स्मृति चिन्ह स्वरूप पौधा भेंट किया गया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए श्री लाउत्रे द्वारा पैरालीगल वालिन्टियर्स एवं उपस्थित अन्य कर्मचारियों को साईबर काईम व वर्तमान में साईबर ठगों द्वारा प्रयोग की जा रही तकनीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि आजकल साईबर ठगों द्वारा नित नवीन तरीकों के माध्यम से लोगों को अपनी बातो में उलझाकर उनके खातों से मोटी रकम हथिया ली जाती है।

तत्संबंध में यह भी जानकारी दी गई कि अपने मोबाईल फोन में किसी भी अनजाने व संदेहास्पद नंबर से आने वाले कॉल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिये तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से आने वाले अनजान नंबर के विडियो अथवा ऑडियो कॉल पर भी कोई प्रतिकिया नहीं देनी चाहिये।

उनके द्वारा यह भी बताया गया कि कैसे आजकल साईबर ठगों द्वारा भोले-भाले लोगों को कॉल के माध्यम से अपनी बातो में फसाकर विभिन्न माध्यमों जैसे रकम दुगुनी करने, ऑनलाईन ट्रेडिंग के माध्यम से पैसा कमाने का लालच देकर मोटी रकम ऐंठ ली जाती है।

साथ ही व्हाट्सऐप के माध्यम से किसी अनजान नंबर से आने वाले किसी भी प्रकार के पीडीएफ अथवा एपीके.फाईल को डाउनलोड नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करते ही उपयोगकर्ता के मोबाईल में मौजूद सारी उपयोगी जानकारी साईबर ठगों के पास पहुंच जाती है और वे बड़ी ही आसानी से लोगों के खातों से पैसों की लूट कर लेते हैं।

किसी भी अनजाने नंबरों से अनचाही जानकारी या आपत्तिजनक सामग्री आने पर ऐसे नंबरों की शिकायत तत्काल टोल फ्री नंबर 1930 पर की जानी चाहिए अथवा समीप स्थित साईबर प्रकोष्ठ में तत्काल शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साईबर ठगी के संबंध में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान की भी जानकारी उक्त आयोजित शिविर में प्रदान की गई।


प्रशिक्षण में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साईबर क्राईम पीडि़त सहायता एवं ठगी गई रकम की वापसी योजना 2026 के संबंध में बताया गया कि पैरालीगल वालिन्टियर को सर्वप्रथम पीडि़त से शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल 1930 पर सूचना दिया जाना है तथा योजना में दिये गये प्रारूप में जानकारी संबंधित थाना एवं कार्यालय को तथा संबंधित पीडि़त के संबंधित बैंक की शाखा में दिया जाना है।

यह विशेष रूप से ध्यान दिया जाना है कि समय पर जानकारी देने पर पीडि़त पक्ष की ठगी गई राशि पुलिस थाना व बैंक के द्वारा होल्डिंग की जा सकेगी तथा पीडि़त पक्ष को थाने अथवा न्यायालय के माध्यम से होल्डिंग की गई राशि जांच उपरांत पीडि़त को प्राप्त होगी। पैरालीगल वालिन्टियर तत्काल पीडि़त पक्ष को जरूरत पडऩे पर कानूनी सहायता देंगे।

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