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राजनांदगांव : 4 लाख बिजली मीटर बनेंगे स्मार्ट ,रिचार्ज करने पर ही मिलेगी बिजली…

राजनांदगांव – छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग, राजनांदगांव एवं जगदलपुर क्षेत्र के अधिकारियों की स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनी जीनस के साथ कोहका स्थित रूंगटा कॉलेज के ऑडिटोरियम में बैठक हुई। जिसमें स्मार्ट प्रीपेड मीटर के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इन मीटरों की खास बात यह है कि मोबाइल सिम की तरह ही आप जितना रिचार्ज करेंगे, आपको बिजली की उपलब्धता भी उतने दिन ही मिलेगी।

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बिजली का बैलेंस समाप्त होते ही आपको सप्लाई रोक दी जाएगी, जिसे दोबारा रिजार्च होने पर शुरू किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार अविभाजित राजनांदगांव जिले में करीबन पौने चार लाख मीटर इस योजना के तहत बदले जाने हैं। जिसको लेकर जल्द ही काम शुरू कर लिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगाने के लिए केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम को दो साल पहले ही प्रदेश सरकार ने अपनी मंजूरी दी थी।

जिसके बाद से ही टेंडर की प्रक्रिया कराई गई, अब टेंडर के बाद कंपनी फाइनल होने के बाद काम शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। बताया गया कि काम अप्रैल महीने के पहले शुरू कर लिया जाएगा। सबसे पहले सरकारी दफ्तरों और ट्रांसफॉमरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद घरेलू कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर लगेंगे। प्रदेश के पांचों राजस्व संभागों में स्मार्ट मीटर के लिए सर्वे का काम पूरा होने की बात कही जा रही है। इन मीटर के लगने पर कई तरह की सुविधाएं भी उपभोक्ताओं को मिलने वाली है।

बैलेंस समाप्त होने से पहले रिचार्ज जरूरी

स्मार्ट मीटर सिस्टम के संबंध में जल्द ही जानकारी एजेंसियों की ओर से प्रदान की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। हालांकि अब तक मिली जानकारी के अनुसार ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि आधी रात बैलेंस खत्म होने पर भी पूरे घर की बिजली सप्लाई बंद नहीं होगी। घर के कुछ हिस्से की बिजली सुबह तक जलेगी। अगर अगले दिन पैसा नहीं पटा अथवा रिचार्ज नहीं कराया तो पूरी बिजली सप्लाई बंद हो जाएगी।

इस तरह से मिलेगी सुविधा

बिजली इस्तेमाल करने के महीने भर बाद इसका बिल आने से बिजली कंपनी को बिल का भुगतान प्राप्त करने में डेढ़ महीने का समय लग जाता है। कई बार रीडिंग गलत होने की वजह से बिल अधिक या कम आ जाता है,

जिसकी वजह से लोगों के साथ ही कंपनी को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रीपेड मीटर लगने से ये सभी दिक्कतें दूर हो जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी को लाइन लास और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस में सुविधा होगी।

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