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रायपुर : शाम ढलते ही अंधेरे में डूबने वाला गांव हुआ रोशन…

ग्राम पंचायत पहरी के आश्रित बरपानी गांव में पहुंची पहली बार बिजली

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6 पहाड़ी कोरवा परिवार हुए लाभान्वित

रायपुर, 13 अक्टूबर 2025

किसी भी क्षेत्र के विकास को मापने के अनेक पैमाने हो सकते हैं जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा या पेयजल की व्यवस्था, परंतु इनमें सबसे बुनियादी जरूरत है बिजली की उपलब्धता।  रोशनी केवल घरों को नहीं, बल्कि भविष्य को भी जगमगाती है। बिजली से ही विकास के पहिए गति पाते हैं, शिक्षा में सुधार होता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। रात के सन्नाटे में अब पहाड़ी कोरवा परिवार को मिली रौशनी से जीवन में बदलाव आ गया है।

बुनियादी जरूरत है बिजली

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कई क्षेत्र दूरस्थ और पहाड़ी अंचल में पहाड़ी कोरवा परिवार बसे हुए हैं। घने जंगल, कठिन रास्ते, ऊँची पहाड़ियाँ और आवागमन की समस्या यहाँ के विकास की राह में अकसर बाधा बाधा बनी रहीं है। ऐसे क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सेवाओं तक पहुँच भी सीमित रहती है। इन चुनौतियों के बावजूद शासन प्रशासन ने पहाड़ी कोरवा आदिवासी बस्तियों तक शासन की योजनाओं को पहुँचाने का बीड़ा उठाया।

घर-घर जल रहा है बल्ब

विकासखण्ड शंकरगढ़ के ग्राम बरपानी में बसे पहाड़ी कोरवा परिवारों के लिए बिजली कभी एक सपना था। पहले इन ग्रामीण इलाकों में सूरज ढलते ही अंधेरा छा जाता था, वहां अब शाम ढलते ही घरों, गलियों और खेतों में रोशनी जगमगाने लगी है  कभी लालटेन या मिट्टी के दीए की मद्धिम रोशनी में  अपना रात बिताने को मजबूर और असुविधाओं से भरी बरपानी गांव की कहानी अब बदल रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बस्ती अंधेरे में न रहे। इसी दिशा में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। ऐसे दूरस्थ गांव, जहां कभी बिजली के खंभे देखना भी सपना था, आज वहां घर-घर बल्ब जल रहे हैं।

पहाड़ी कोरवाओं के घर पहुॅची बिजली

शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पहरी के आश्रित ग्राम बरपानी के कोरवापारा तक आखिरकार बिजली पहुंच गई। यह वह बस्ती है जहाँ वर्षों से 06 पहाड़ी कोरवा परिवार बिना बिजली के जीवन व्यतीत कर रहे थे। जब पहली बार उनके घरों में बल्ब जले तो बच्चों की आँखों में चमक, बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष और महिलाओं के मन में रही नई उम्मीदें।  ग्रामीणों का कहना है कि पहले उन्हें शाम ढलने तक सारे काम निपटाने पड़ते थे, क्योंकि रात होते ही पूरा क्षेत्र घने अंधेरे में डूब जाता था। अब हालात बिल्कुल बदल गए हैं। रात का सन्नाटा अब रौशनी से जीवन की चहल-पहल में बदल गया है।

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की सतत निगरानी और प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल बलरामपुर द्वारा वनांचल पहाड़ी कोरवा निवास क्षेत्रों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है और हर घर तक बिजली पहुंचाने की मुहिम जारी है।

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