
मोहला-मानपुर। जिले के महाराष्ट्र सीमावर्ती जंगल में बाघ की निगरानी के लिए वन महकमे ने पेड़ों पर कैमरे लगाए हैं। दरअसल कल जिले के दक्षिण वन परिक्षेत्र में बाघ की आमद सामने आई थी। बाघ द्वारा एक पालतू गाय का शिकार भी किया गया है लिहाज़ा बाघ के संभावित आमद क्षेत्र में पेड़ों पर कैमरे लगाकर बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए वन महकमे ने ये कवायद की है, वहीं ग्रामीणों को सतर्क भी किया है।
नवागढ़ से लगे कंपार्टमेंट 1080 में मिले पगमार्कः-जिले के वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल ने उक्ताशय की पुष्टि की है। आज दो दिसंबर को बाघ के पगमार्क, जंगल में कैमरे की तस्वीरें व अन्य जानकारियां से साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कल एक दिसंबर को मानपुर दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत औंधी तहसील क्षेत्र के ग्राम नवागढ़ में एक पालतू गाय को जंगली जानवर द्वारा शिकार किए जाने की सूचना मिली थी।
सूचना उपरांत क्षेत्रीय वन अमले ने मौके पर पहुंचकर मुआयनाकिया। मौका मुआयना के दरमियान वन भूमि कक्ष क्रमांक 1080 में गांव के इर्द-गिर्द बाघ के पगमार्क देखे गए वहीं गांव से कुछ दूर जंगल में गाय की क्षतिग्रस्त लाश भी मिली। अलग-अलग जगह पेड़ों में लगाए गए कैमरेः- डी.एफ.ओ. दिनेश पटेल ने बताया कि तेंदुआ और चीता जैसे जानवर भारी-भरकम गाय को उठाकर ले जाने में आमतौर पर असमर्थ होते हैं ऐसे में इस बात में कोई दो राय नहीं कि जंगल में मिले पगमार्क बाघ के ही हैं।
डीएफओ के मुताबिक चूंकि बाघ एक गाय का शिकार कर चुका है इसलिए शिकार की लालच में बाघ के यहां दोबारा आने की प्रगाढ़ संभावना है। यही वजह है कि आज दक्षिण वन परिक्षेत्र अंतर्गत नवागढ़ गांव से लगे वन भूमि कक्ष क्रमांक 1080 में अलग-अलग स्थानों में पेड़ों पर तीन कैमरे लगाए गए।
डी. एफ. ओ. श्री पटेल के मुताबिक महाराष्ट्र सीमा के करीब ही बाघ की आमद हुई हैऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बाघ महाराष्ट्र की ओर से विचरण करते हुए छत्तीसगढ़ में दाखिल हुआ हो। उन्होंने जल्द कैमरे के जरिए बाघ की और भी जानकारी हासिल हो जाने की उम्मीद जताई है।
दूसरी ओर क्षेत्रवासी ग्रामीणों को अकेले जंगल में नहीं जाने, सतर्कता बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है वहीं क्षेत्रीय वन महकमा भी अलर्ट है।









































