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राजनांदगांव: नक्सल प्रभावित वनांचल में पत्रकारिता के जरिए जनसमस्याओं को उठाने वाले कमलेश सिमनकर को मानद डॉक्टरेट, नई दिल्ली में हुआ सम्मान, 15 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के लिए करते रहे प्रयास…

राजनांदगांव, 4 अक्टूबर। पत्रकारिता के माध्यम से सुदूर वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार कमलेश सिमनकर को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित द महफिल ग्रैंड में रविवार को आयोजित मानद उपाधि वितरण समारोह में द लुसियाना रिसर्च यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि संस्था एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड फाउंडेशन की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

कमलेश सिमनकर पिछले करीब 15 वर्षों से अविभाजित राजनांदगांव जिले के सुदूर एवं नक्सल प्रभावित वनांचल क्षेत्रों में पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने मलैदा, काशिबाहरा, मत्तोड़के, नवागांव, लक्ष्मणझिरिया, खोबा, जोब सहित दर्जनों गांवों की समस्याओं को समाचारों के माध्यम से शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के साथ संबंधित अधिकारियों से संवाद कर उनके समाधान के लिए भी प्रयास किए।

सड़क, बिजली और पेयजल की समस्याओं को उठाया

वनांचल के कई ऐसे गांवों में जहां पहुंच मार्ग नहीं थे, वहां सड़क निर्माण के लिए लगातार आवाज उठाई गई। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सड़क योजनाओं के माध्यम से सड़क निर्माण की दिशा में प्रयास हुए। बिजली सुविधा से वंचित गांवों में क्रेडा के माध्यम से सोलर प्लेट लगवाकर घरों तक बिजली पहुंचाने की पहल की गई। वहीं झिरिया का पानी पीने वाले ग्रामीणों के लिए बोरवेल खनन और पेयजल व्यवस्था की मांग को प्रशासन के समक्ष लगातार रखा गया।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पहल

ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र शुरू कराने, नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने तथा महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने जैसे कार्यों में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।

कोरोना काल में भी निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

कोरोना संक्रमण के दौरान भी कमलेश सिमनकर ने वनांचल के ग्रामीणों तक दवाइयां, राशन, हरी सब्जियां और कपड़े सहित जरूरी सामग्री पहुंचाने में सहयोग किया। दूसरे राज्यों और जिलों से पैदल लौट रहे लोगों को पिकअप वाहनों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचाने में मदद की। कोरोना काल में करीब 17 शवों के अंतिम संस्कार में भी उन्होंने सहयोग किया।

कमलेश सिमनकर को मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर राजनांदगांव के मित्रों, पत्रकार साथियों एवं शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में राजनांदगांव से सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए बर्फानी सेवा समिति के अध्यक्ष राजेश मारू तथा साहित्यिक क्षेत्र में कार्य के लिए पत्रकार वीरेंद्र बहादुर सिंह को भी मानद उपाधि से सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई।

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