राजनांदगांव: ग्राम धुसेरा, कोलिहापुरी, सेन्द्री एवं ठाकुरटोला में बीमा कम्पनी द्वारा दावा गणना उपरान्त पात्र किसानों को फसल बीमा के लिए दावा भुगतान की कार्रवाई की जा रही है…

राजनांदगांव 08 जून 2021। प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान होने से क्षति की भारपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जिले में संचालित है, जिससें विगत वर्षों से हुई अकाल, सूखा से प्रभावित बीमित कृषकों को आर्थिक सहायता प्रदान की है।

विगत खरीफ 2020 में जिले के 2 लाख 60 हजार 70 कृषकों द्वारा फसल बीमा कराया गया। जिनमें से 1 लाख 36 हजार 139 कृषकों को 160.06 करोड़ दावा बीमा राशि की गणना बीमा कम्पनी द्वारा किया गया है। जिनमें सें 1 लाख 27 हजार 275 कृषकों का दावा भुगतान बीमा कम्पनी द्वारा सीधे किसान के बैंक खाते में किया गया है। शेष 8864 किसानों की बैंक खाता नंबर गलत होने एवं बैंक खाता नंबर बंद होने के कारण भुगतान लंबित है, जिसके लिए बीमा कंपनी द्वारा बैंकों से सही बैंक खाता नंबर की जानकारी एकत्र कर दावा भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।

भ्रम की स्थिति –
किसानों में बीमा राशि के संबंध में भ्रम की स्थिति है कि अनावरी के आधार पर फसल बीमा की राशि तय होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। योजना के तहत ग्राम बीमा ईकाई है, जिसमें भू-अभिलेख द्वारा जारी रेण्डम नम्बर से चयनित खसरा में निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग किया जाता है।

इसके लिए प्रत्येक बीमित ग्राम (ईकाई) बीमित फसल के लिए 4 फसल कटाई प्रयोग के औसत उपज सें उस फसल की वास्तविक उपज निकाली जाती है। इस वास्तविक उपज का पूर्व से निर्धारित थ्रेस होल्ड उपज से ेतुलना करते हैं, तुलना उपरान्त यदि वास्तविक उपज, थ्रेेस होल्ड उपज से अधिक होता है तो उस फसल में दावा भुगतान की पात्रता नहीं होती है।

थ्रेस होल्ड उपज का निर्धारण विगत 7 वर्षों में से उच्चतम 5 वर्षों के औसत उपज सें किया जाता है। थ्रेस होल्ड उपज से वास्तविक उपज में जितने प्रतिशत की कमी आती है उस आधार से बीमा राशि तय होती है। प्रत्येक ग्राम की बीमित फसल में थ्रेस होल्ड उपज अलग-अलग निर्धारित होती है।
धान फसल के लिए किसानों को बैंकों से सिंचित एवं असिंचित रकबे के लिए अलग-अलग ऋण प्राप्त होता है। उसी प्रकार योजना अंतर्गत धान सिंचित एवं धान असिंचित फसलों में बीमा होता है। इस प्रकार धान फसल दो अलग-अलग फसलों में विभाजित है। जिससे बीमा में दावा का निर्धारण अलग-अलग होता है।  

विगत दिनों में किसानों के द्वारा बीमा राशि प्राप्त नहीं होने के संबंध में आवेदन कृषि विभाग को प्राप्त हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीमा कम्पनी द्वारा दावा गणना उपरान्त पात्र किसानों को दावा भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। विगत दिनों में विकासखंड डोंगरगढ़ के ग्राम धुसेरा, कोलिहापुरी, सेन्द्री एवं ठाकुरटोला में बीमा नहीं मिलने के संबंध में समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है। इस संबंध में यह जानकारी है कि ग्राम धुसेरा धान सिंचित फसल में कुल 71 कृषक आवेदन दावा भुगतान हेतु पात्र है, जिनमें से 53 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया। शेष 18 कृषक आवेदनों में बैंक आईएफएससी कोड गलत होने के कारण भुगतान नहीं हुआ है। जिस हेतु बीमा कंपनी द्वारा बैंक से सही आईएफएससी कोड की जानकारी चाही गई है।

धान असिंचित में 227 आवेदनों मे दावा भुगतान की पात्रता है। जिनमें से 88 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया, शेष 139 कृषक आवेदनों में बैंक संबंधित जानकारी त्रुटि होने के कारण दावा भुगतान लंबित है। 2 आईएफएससी कोड गलत होने, 1 बैंक खाता नंबर बंद होने, 136 बैंक खाता नंबर गलत होने के आवेदन प्राप्त हुए है। बीमा कंपनी द्वारा बैंक से सही जानकारी प्राप्त की जा रही है।

ग्राम कोलिहापुरी धान सिंचित फसल में कुल 17 कृषक आवेदन दावा भुगतान हेतु पात्र है। जिनमें से 17 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया। धान असिंचित में 236 आवेदनों की एंट्री उक्त ग्राम में हुई है, जिसमें दावा गणना उपरांत वास्तविक उपज, थ्रेस होल्ड उपज से अधिक होने के कारण धान असिंचित बीमित किसानों को दावा भुगतान की पात्रता नहीं बनती है।

ग्राम सेंन्द्ररी धान सिंचित फसल में कुल 177 कृषक आवेदन दावा भुगतान हेतु पात्र है, जिनमें से 177 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया। धान असिंचित में 126 आवेदनों में दावा भुगतान की पात्रता है। जिनमें से 126 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया। ग्राम ठाकुरटोला धान असिंचित फसल में कुल 100 कृषक आवेदन दावा भुगतान हेतु पात्र है, जिनमें से 100 कृषक आवेदनों का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया गया।

धान सिंचित में 227 आवेदनों की एंट्री उक्त ग्राम में हुई है, जिसमें दावा गणना उपरांत वास्तविक उपज, थ्रेस होल्ड उपज से अधिक होने के कारण धान सिंचित में बीमित किसानों को दावा भुगतान की पात्रता नहीं बनती है। योजना के संबंध में, बीमा राशि के संबंध में अधिक जानकारी के लिए बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 में संम्पर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।