
राजनांदगांव। बेटी को मत समझो भार यह तो है जीवन का आधार आज मनाया गया बालिका दिवस श्री संजय अग्रवाल कलेक्टर राजनांदगांव के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला राजनांदगांव द्वारा बालिका दिवस अभी आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह बताया कि जिला राजनांदगांव में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण द्वारा स्वास्थ नोनी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है
जिसके तहत हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में अध्यनरत नवीन से 12वीं तक की समस्त बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उन्हें स्वास्थ्य शिक्षा दी जा रही है प्रति गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बालिकाओं का हीमोग्लोबिन जांच एवं उन्हें मानसिक तनाव से कैसे प्रबंध किया जाना है इसके बारे में टीम द्वारा अवगत कराया जा रहा है

देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शपथ दिवस को याद रखने के कारण ही 24 जनवरी को प्रति साल बालिका दिवस का आयोजन किया जाता है इस वर्ष बालिका दिवस का थीम था सुनहरे भविष्य के लिए बच्चों का सशक्तिकरण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने यह बात इंगित किया है कि किसी भी देश की प्रगति के लिए बच्चियों का खुशहाल रहना उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य में समान अवसर प्रदान करना तभी वह देश प्रगति कर पाएगा।
शासन प्रशासन की ओर से अनेक प्रकार की योजनाएं बालिकाओं के उत्थान के लिए संचालित की जा रही है जैसे कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ एवं पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सरकार द्वारा अनेक प्रकार के कार्य किया जा रहे हैं किसी भी देश का भविष्य बेटिया तय करती है। बेटियां जीवन के हर लक्ष्य को पूरा करती है बेटियां इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए 24 जनवरी को बालिका दिवस के अवसर पर कान्फ्लुऐन्स कालेज आफ नर्सिग में मनाया गया
जिसमंे बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रम में भागीदारी दी। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, पी.सी.पी.एन.डी.टी. नोडल अधिकारी डॉ. एम.के. भुआर्य, नर्सिग कालेज के संचालक, प्राचार्य, शिक्षकगण एवं स्वास्थ्य विभाग के टीम उपस्थित थें।









































