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राजनांदगांव : गौ रक्षा वाहिनी संघ ने कुम्हारों का तिलक और भगवा गमछा पहना कर किया सम्मान…

राजनांदगांव। समय के साथ भले ही आधुनिकता ने कांच, स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों को बढ़ावा दिया हो, लेकिन आज भी हमारे राजनांदगांव शहर में कुछ परिवार ऐसे हैं जो पीढ़ियों से मिट्टी के बर्तन बनाकर अपनी जीविका चला रहे हैं। कुम्हार समाज के ये हुनरमंद कलाकार न सिर्फ परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं, बल्कि मिट्टी में कला की आत्मा फूंककर लोगों के जीवन में सादगी और संस्कार का रंग भर रहे हैं।

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वहीं राजनांदगांव की महिला सुरक्षा संगठन फाउंडेशन एवं गौ रक्षा वाहिनी संघ के द्वारा आज राजनांदगांव शहर स्थित जयस्तंभ चौक के समीप कुम्हार भाई बहनों को तिलक लगाकर एवं भगवा गमछा पहना कर सम्मान किया गया।

गौ रक्षा वाहिनी संघ की अध्यक्ष कांति मौर्य ने बताया कि प्रतिवर्ष हम कुम्हार भाई बहनों का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि कुम्हार भाई बहनों द्वारा बारों माह मिट्टी के बर्तन, मटका, दिया और पूजा की सामाग्री रख कर निरंतर सेवा देते हैं। कुम्हारों द्वारा धूप, बरसात या ठंड हो बारों माह मिट्टी की समान बेचकर अपना और परिवार का जीवन यापन कर रहे हैं।

अध्यक्ष कांति मौर्य ने बताया कि कुम्हार परिवार पिछले कई दशकों से मिट्टी के घड़े, सुराही, दीपक, कुल्हड़, हांडी और अन्य घरेलू उपयोगी वस्तुएं बनाते आ रहा है। हालांकि इनकी मेहनत और कला के बदले इन्हें जो आय मिलती है, वह दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी पर्याप्त नहीं होती।

हालांकि सरकार द्वारा कुम्हारों के लिए ‘कुम्हार शिल्प विकास योजना’ और मुद्रा लोन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में बहुत से कुम्हार परिवार इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कोई प्रशिक्षण या बाजार सहयोग नहीं मिलने से उनकी मेहनत अक्सर घाटे में बदल जाती है।

आज की युवा पीढ़ी इस व्यवसाय को छोड़ शहरों की ओर पलायन कर रही है। उनका मानना है कि यह कार्य सिर्फ शारीरिक परिश्रम और आर्थिक असुरक्षा देता है। इस कारण यह पारंपरिक कला धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है।

मिट्टी के बर्तन सिर्फ वस्तुएं नहीं हैं, वे हमारे संस्कार, संस्कृति और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। कुम्हारों की कला को बचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।

इस दौरान गौ रक्षा वाहिनी संघ की अध्यक्ष कांति मौर्य, अंजू राव, नीता महोबे, प्रियंका भट्टड़, मौसमी शर्मा, मधु अग्रवाल, दक्षा पंडित, संध्या शर्मा, राजेश शर्मा एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

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