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राजनांदगांव : जब हम चलते हैं तो उम्मीद और रोशनी के काफिले चलते है, दिल के किसी कोने में हिम्मत का जुगनू जलाए रहते हैं…


– दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ”पर्पल फेयरÓÓ
– पर्पल फेयर में किसी ने खुबसूरत कलात्मक पेंटिंग उकेरी, तो किसी ने गुल्लक सजाए, मोमबत्ती सजाए और बनाए सुंदर सजीले दिये
– दिव्यांग बच्चों ने बिखेरे अपने हुनर के उम्दा रंग
– दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई
राजनांदगांव 28 जुलाई 2025। जब हम चलते हैं तो उम्मीद और रोशनी के काफिले चलते है, दिल के किसी कोने में हिम्मत का जुगनू जलाए रहते हैं…। ऐसी ही एक बानगी दिखाई दी दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला राजनांदगांव में आयोजित दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ”पर्पल फेयरÓÓ कार्यक्रम में। पर्पल फेयर में किसी ने खुबसूरत कलात्मक पेंटिंग उकेरी, तो किसी ने गुल्लक सजाए, मोमबत्ती सजाए और बनाए सुंदर सजीले दिये।

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दिव्यांग बच्चों ने अपने हुनर के उम्दा रंग बिखेरे। दिव्यांगजनों के साथ सभी नागरिकों को जोडऩे के लिए आयोजित इस मेले में विविध प्रकार की कलात्मक वस्तुएं स्टॉल में थी। पर्पल फेयर की खास बात रही अपनी संवेदनशीलता से मूकबधिर बच्चों द्वारा अपनी बेहतरीन कलात्मक प्रतिभा का परिचय देना। दुर्ग के श्री विवेक सोनी ने प्राकृतिक दृश्यों को अपनी पेंटिंग में उकेरा।

वहीं आस्था के बच्चों ने खुबसूरत, कलात्मक गुल्लक, दीये एवं मोमबत्ती बनाएं। सुंदर राखियां, घर की साज-सज्जा की वस्तुएं, पैन स्टैण्ड, झालर दिव्यांग बच्चों ने बनाएं। पर्पल फेयर में मन को स्वस्थ करें, जीवन को स्वस्थ बनाएं एवं समावेशी समाज का निर्माण करें के संदेश के साथ सेल्फी स्टैण्ड में नागरिकों ने अपनी सेल्फी ली। श्रद्धा सांई महिला उत्थान समिति के स्टॉल में दिव्यांग महिलाओं ने बड़ी, बिजौरी, पापड़, दलिया, मसाला, हल्दी, मिर्च, धनिया, अगरबत्ती, धूपबत्ती, रूई बत्ती, फिनाईल, मिट्टी के बर्तन, मिट्टी की विभिन्न कलाकृतियां जैसी वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध थी। दिव्यांग महिलाओं ने बताया कि वे ऑर्डर पर छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी बनाती है।


मानसिक समस्या से ग्रस्त तथा नशा मुक्ति केन्द्र के बच्चों ने भी विभिन्न वस्तुएं बनाई थी। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया गया। जिसके अंतर्गत उन्हें एडीप योजना के तहत दिव्यांगजनों हेतु सहायक उपकरण, दीनदयाल विकलांग पुर्नवास योजना, घरौंदा योजना, नेशनल हैंडीकैप्ड फाइनेंस एण्ड डेवेलपमेंट कार्पोरेशन सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।

पर्पल फेयर में आकांक्षा लॉयन इंस्ट्यूट ऑफ लर्निंग ऑफ इम्पावरमेंट, आस्था मूक बधिर शाला, श्रद्धा सांई महिला उत्थान समिति, अभिलाषा दिव्यांगजन कल्याणार्थ संस्था राजनांदगांव, ब्राईट मिस्टर एण्ड हाई स्कूल दुर्ग, शासकीय नर्सिंग कालेज राजनांदगांव, जिला आयुष विभाग, आस्था स्कूल, मनोकामना, समर्थ, मानवता, नई दिशा, एसएसए, लॉयन क्लब, पतंजलि योग समिति, योगासन स्पोट्र्स एसोसियेशन, सक्षम भारत-समर्थ भारत, भारतीय शिक्षा बोर्ड छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता रही।

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