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राजनांदगांव : मोखली एनीकट में सूखे की स्थिति रेत निकालने के चक्कर में खराब कर दिया एनीकट का गेट, नदी में एक बूंद पानी नहीं…

राजनांदगांव : रेत तस्कर रेत की निकासी के चक्कर में नदी, नालों के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ करने लगे हैं। यहां तक खदान एरिया में पानी का स्टोरेज रोकने के लिए आसपास के एनीकट के गेट को नुकसान पहंुचा रहे हैं। ऐसी ही शिकायत डोंगरगांव क्षेत्र के मोखली से सामने आई है। यहां शिवनाथ नदी पर बनाए गए एनीकट के गेट को अज्ञात लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसलिए एनीकट में पानी का ठहराव नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि मार्च में एनीकट के अासपास पहली बार सूखा पड़ा है। इस चक्कर में ग्रीष्मकालीन फसल लेने वाले किसान खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एनीकट से छेड़छाड़ रेत तस्कर ही करा रहे हैं। इस क्षेत्र में घोरदा के पास रेत खदान स्वीकृत है पर यहां पर पानी भरा हुआ है। इसलिए रेत तस्कर चमाररायटोला, कोटरासरार, मोखली, मोहभट्‌ठा,सुखरी के आसपास शिवनाथ नदी में खुदाई कर धड्ल्ले से रेत निकाल रहे हैं। रेत निकालने के बाद भारी वाहनों को गांव की सड़कों पर दौड़कर खस्ताहाल कर रहे हैं।

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आफत: 10-15 दिन के भीतर धान की फसल को चाहिए पानी
10-15 दिन के भीतर धान को पानी देने की जरूरत पड़ेगी। ऐसी स्थिति में एनीकट के गेट को सुधारा नहीं जाएगा तो समस्या गंभीर हो जाएगी। किसान मोंगरा डेम से पानी छोड़ने के पहले इस रूट पर पड़ने वाले एनीकट की मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि डेम से छोड़ा गया पानी बेकार न जाए। क्षेत्र क्रमांक 15 के जनपद सदस्य मनीष साहू ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अफसरों को मौखिक रूप से सूचना दी गई है कि एनीकट के गेट वाले हिस्से को कुछ लोगों ने खराब कर दिया है। बावजूद इसके सुधार नहीं करा रहे हैं। कलेक्टर टीके वर्मा का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई करने निर्देश दिए हैं। एनीकट को लेकर संबंधित विभाग को जांच करने कहा जाएगा।

एनीकट से पानी छोड़ेंगे तो ठहराव ही नहीं होगा
मोखली सहित आसपास के गांव के किसान शिवनाथ नदी के पानी के सहारे ग्रीष्मकालीन फसल लेते हैं। हर साल नदी से पानी लेकर सिंचाई कर लेते हैं पर इन दिनों एनीकट के आसपास सूखे की स्थिति होने की वजह से संकट में हंैं। किसानों ने बताया कि मोंगरा डेम से पानी छोड़ा भी जाएगा तो एनीकट के आसपास स्टोरेज नहीं होगा, क्योंकि गेट खराब है जो कि लॉक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पानी सीधे बहकर आगे बढ़ जाएगा।

अब आंदोलन की तैयारी
जनपद सदस्य मनीष ने बताया कि लंबे समय के बाद एनीकट के अासपास में सूखत की स्थिति है। इसलिए किसान चिंतित हो गए हैें। जनपद सदस्य ने आरोप लगाया है कि रेत तस्कर निर्धारित जगह पर खुदाई करने की बजाए पानी को छोड़कर अवैध रूप से खनन कर रेत निकाल रहे हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

source : bhaskar.com

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