
खैरागढ़ । बलात्कार के आरोपी जीजा को नाबालिग से बलात्कार का आरोप सिद्ध होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रकुमार कश्यप ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक अधिकारी अल्ताफ अली ने बताया कि मामला दिसंबर 2020 में खैरागढ़ पुलिस ने दर्ज किया था। पुलिस में प्रार्थिया सहित परिजनों ने आरोपी नरेन्द्र लहरे (31 वर्ष) कौरिनभाठा राजनांदगांव पर बहन की संतान नहीं होने पर नाबालिग से शादी करने का हवाला देकर बहन के घर ग्राम रगरा में मंडई के दौरान रात में बयारा में ले जाकर बहला फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाने किसी को बताने पर धमकी देने का आरोप लगाया था। प्रार्थीया ने शिकायत में बताया था कि इसके बाद आरोपी जीजा ने नाबालिग को ठेलकाडीह भी बुलाया था जहाँ शादी का हवाला देकर अपने घर कौरिनभाठा ले गया था।
माता-पिता के मौके पर पहुँचने के बाद मामला खुला और परिजनों के साथ थाने पहुँची नाबालिग ने मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया था। अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रकुमार कश्यप ने मामले की गंभीरता को देखते नाबालिग को बहला फुसलाकर शादी का झांसा देकर हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी जीजा नरेंद्र लहरें पर आरोप प्रमाणित पाते दोष सिद्ध ठहराते आरोपी को पास्को एक्ट के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित करने का आदेश दिया।









































